तिल की चटनी है काफी फायदेमंद , डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा असरदार

sesame chutne

New Delhi : सर्दियों में तिल का इस्तेमाल सालों से किया जाता रहा है। इसमें मैग्नीशियम, कॉपर, कैल्शियम, आयरन, जिंक और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। लेकिन इसकी खासियत यही खत्म नहीं होतीं, इसमें विटामिन, मिनरल और दूसरे पोषक तत्व भी होते हैं। तिल में मैग्निशियम और दूसरे पोषक तत्व होते हैं जिसकी वजह से डायबिटीज के मरीजों के लिए यह बेहद फायदेमंद है। एक तरफ जहां तिल का तेल भी इन लोगों के लिए लाभदायक है और तिल के बीज भी बहुत फायदा पहुंचाते हैं। तिल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्रामेटरी कंपाउंड होता है।

जिसकी वजह से है दिल की बीमारियों के लिए भी फायदेमंद है। इसमें कैल्श‍ियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम की मौजदूगी होने से यह दिल से जुड़ी बीमारियों में कारगर साबित होता है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो सर्दियों में तिल का सेवन करने से जहां त्वचा में निखार तो आता ही है साथ ही इसमें मोनो-सैचुरेटेड फैट एसिड बहुत होता है, इससे कोलेस्ट्रोल कम होता है। चटनी किसी भी चीज की बनी हो, खाने के स्वाद को दुगुना कर ही देती है. धनिये, पुदीने, मूंगफली इत्यादि की चटनी तो आप अक्सर ही खाते रहते होंगे, आज हम आपके लिए खास तिल की चटनी की रेसिपी लाए हैं।

सामग्री : तिल – ½ कप ,हरा धनिया – ½ कप ,हरी मिर्च – 2 ,नींबू – 1 ,हींग – 1 पिंच ,नमक – ¾ छोटी चम्मच

sesame chutney recipe

विधि: तिल की चटनी बनाने के लिए गैस पर पैन गरम कीजिए और गरम पैन में तिल डालकर हल्का सा भून लीजिए। जैसे ही तिल फूले-फूले दिखें, वैसे ही गैस बंद कर दीजिए। भुने हुए तिल को प्लेट में निकालकर रख लीजिए और थोड़ा सा ठंडा होने दीजिए। हरा धनिया साफ करके अच्छे से धो लीजिए और मोटा-मोटा काट लीजिए। नींबू को भी काट कर रस प्याली में निकाल लीजिए। इसके बाद, मिक्सर जार में भुने हुए तिल, हरी मिर्च, हरा धनिया, नमक, हींग, नींबू का रस और आधा कप पानी डाल दीजिए और चटनी को बारीक पीस लीजिए।

तैयार पेस्ट को प्याले में निकाल लीजिए। तिल की चटनी बनकर तैयार है। बहुत स्वादिष्ट और चटपटी चटनी है, इसे आप समोसे, कचौरी या सैंडविच किसी के साथ भी सर्व कर सकते हैं। तिल को ज्यादा न भूनें, वरना ये स्वाद में कड़वे लगेंगे। तिल की चटनी को ज़्यादा तीखा बनाने के लिए इसमें हरी मिर्च और भी डाल सकते हैं। तिल की चटनी में आप नींबू के रस की जगह कच्चे आम के गूदे का उपयोग भी कर सकते हैं।

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